असली फेमिनिज्म पर रिद्धि डोगरा की बेबाक राय, युवा लड़कियों को किया आगाह
मध्य प्रदेश के भोपाल में पिछले दिनों घटित हुई मॉडल ट्विशा शर्मा की असमय मौत की घटना ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ट्विशा ने फांसी लगाकर अपनी जान दी थी, लेकिन अब यह पूरा मामला दहेज प्रताड़ना और सामाजिक दबाव के आरोपों से जुड़ चुका है। मनोरंजन जगत के कई सितारे इस घटना पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच लोकप्रिय अभिनेत्री रिद्धि डोगरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट काफी चर्चा में है, जो इसी घटनाक्रम की ओर इशारा करती है। रिद्धि ने अपनी पोस्ट के जरिए युवा पीढ़ी को आत्मसम्मान के साथ जीने और आत्मनिर्भर बनने का एक कड़ा संदेश दिया है।
"शादी को जरूरत से ज्यादा काल्पनिक बनाना बंद करें युवा"
रिद्धि डोगरा ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में विवाह और आधुनिक रिश्तों की जमीनी हकीकत पर खुलकर बात की। उन्होंने लिखा, "हम साल 2026 में जी रहे हैं, इसलिए युवा लड़के-लड़कियों को अब शादी को लेकर जरूरत से ज्यादा काल्पनिक या रोमांटिक होना बंद करना होगा। आज के समय में विवाह के मायने बदल चुके हैं। पुरुषों को भी यह बात स्वीकार करनी चाहिए कि अब लड़कियां हर बात पर आंखें मूंदकर भरोसा नहीं करने वालीं, क्योंकि देश के कानून और आज के समाज ने उन्हें अपने हक के लिए लड़ना सिखाया है। आज महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हैं, वे काम कर सकती हैं और समाज में इज्जत की जिंदगी जी सकती हैं। अब उन्हें सिर्फ सर्वाइवल (जीवन चलाने) के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।"
लड़कियों को स्वावलंबी बनने की सीख: 'कोई मिस्टर परफेक्ट नहीं होता'
रिद्धि ने लड़कियों को हकीकत का आईना दिखाते हुए लिखा कि वे इस गलतफहमी में न रहें कि शादी के मंडप में बैठते ही उनका पार्टनर कोई 'मिस्टर परफेक्ट' बन जाएगा। पुरुष भी एक इंसान हैं और वे भी इस तेजी से बदलते समाज के नए नियमों को समझने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने एक ऐसा दौर देखा है जहाँ पुरुषों से अलग तरह की उम्मीदें रखी जाती थीं।
उन्होंने आगे लिखा:
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किसी भी लड़की को फेयरीटेल (परियों की कहानी) जैसी शादी के सपने नहीं देखने चाहिए।
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लड़कियों को सबसे पहले खुद को शिक्षित और हुनरमंद बनाना चाहिए, ताकि वे अपने लिए खड़ी हो सकें।
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किसी भी रिश्ते या शादी का आधार केवल सच्चा प्रेम और आपसी आदर होना चाहिए।
रिद्धि ने वैवाहिक जीवन में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप पर भी चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि अपने हर छोटे-बड़े फैसले में माता-पिता या तीसरे व्यक्ति को शामिल करना बंद करें। अगर आपके रिश्ते के फैसले दूसरे लोग तय करने लगेंगे, तो वह दो लोगों का खूबसूरत बंधन नहीं बल्कि भीड़ का हिस्सा बनकर रह जाएगा।
पुरुषों का अपमान करना फेमिनिज्म नहीं; शिव-शक्ति का दिया उदाहरण
अक्सर नारीवाद को लेकर समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करते हुए रिद्धि ने लिखा, "सच्चे फेमिनिज्म का सीधा और साफ मतलब 'समानता' से है— न इससे कुछ ज्यादा और न इससे कुछ कम। जब मैं महिलाओं के अधिकारों की बात करती हूं, तो मैं लड़कों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए भी उतनी ही दृढ़ता से आवाज उठाती हूं। नारीवाद का मकसद कभी भी पुरुषों को नीचा दिखाना या उन्हें कमतर आंकना नहीं रहा है। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हम शिव और शक्ति की संस्कृति से आते हैं, जहाँ महिला और पुरुष एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।"
कैसा रहा है रिद्धि डोगरा का करियर?
- रिद्धि डोगरा ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत छोटे पर्दे (टेलीविजन) से की थी। अपनी बेहतरीन अदाकारी के दम पर उन्होंने ओटीटी और बड़े पर्दे तक का सफर तय किया। वे सुपरस्टार शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जवान' और बेहद चर्चित साइकोलॉजिकल थ्रिलर वेब सीरीज 'असुर' में मुख्य और दमदार भूमिकाओं में नजर आ चुकी हैं। आने वाले समय में भी वे कई बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने जा रही हैं।


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