सील यूनिट का स्टॉक बाहर कैसे आया?
जबलपुर। शासन के आदेश के बाद सोम कंपनी की बीयर और स्प्रिट की सप्लाई जारी, डेट बदलकर बिक्री कराने के आरोप; एक्सपायरी शराब से हादसा होने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग।
इस सप्लाई का पूरा भुगतान सीधे सोम कंपनी के खाते में
मप्र में सील हो चुकी सोम कंपनी की बीयर और स्प्रिट को शासन के आदेश के बाद दोबारा बाजार में सप्लाई किए जाने को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। शराब कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस सप्लाई का पूरा भुगतान सीधे सोम कंपनी के खाते में जा रहा है, जबकि रिटेल दुकानदार पहले ही कंपनी को वैट राशि जमा कर चुके हैं।
आबकारी विभाग ने कंपनी का बकाया और स्टॉक खपाने के लिए विशेष आदेश जारी किया
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि सोम कंपनी सरकार के खाते में वैट की राशि जमा नहीं करती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। कारोबारियों का आरोप है कि आबकारी विभाग ने कंपनी का बकाया और स्टॉक खपाने के लिए विशेष आदेश जारी कर बाजार में बीयर की सप्लाई शुरू करवाई। विवाद का दूसरा बड़ा मुद्दा एक्सपायरी डेट को लेकर सामने आ रहा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि बीयर की पुरानी डेट बदलकर उसे दोबारा बाजार में भेजा गया। शराब कारोबारियों का कहना है कि आम उपभोक्ता शराब खरीदते समय न तो एमआरपी देखता है और न ही एक्सपायरी डेट, वह केवल उपलब्ध ब्रांड खरीदता है।

एक्सपायरी बियर से मरने वालों की जिम्मेदारी आबकारी विभाग लेगा क्या
ऐसे में यदि कथित तौर पर एक्सपायरी या खराब शराब पीने से कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है या किसी की मौत होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, इस पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी स्वर और कारोबारियों का कहना है कि आबकारी विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि इस पूरी प्रक्रिया की जवाबदेही कौन लेगा। मामले को लेकर सरकार और आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि उपभोक्ता सुरक्षा और राजस्व दोनों मामलों में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या जनहानि की स्थिति पैदा न हो।


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