चंदौसी। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के अंतर्गत आने वाले चंदौसी क्षेत्र में एक निजी स्कूल की अध्यापिका द्वारा मानसिक प्रताड़ना और धोखे से आहत होकर आत्मघाती कदम उठाने का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। तीन साल तक लगातार शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किए जाने और बाद में शादी से मुकर जाने के कारण मानसिक अवसाद में आई युवती ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस संवेदनशील मामले में मृतका के कमरे से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता (वकील) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और गंभीर धोखाधड़ी सहित विभिन्न विधिक धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कचहरी गेट पर हुई थी मुलाकात, बातों में फंसाकर किया शारीरिक शोषण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदौसी के मिलक मौलागढ़ निवासी एक व्यक्ति की बहन क्षेत्र के ही एक प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। पुलिस को सौंपी गई शिकायत के अनुसार, करीब तीन वर्ष पूर्व कचहरी गेट के सामने स्थित एक दुकान पर शिक्षिका की मुलाकात क्षेत्र के ही रहने वाले पेशे से अधिवक्ता अजय सैनी से हुई थी। आरोप है कि अजय ने खुद को कुंवारा बताते हुए युवती को अपनी मीठी बातों में फंसाया और शादी का पवित्र वादा करके पिछले तीन साल से लगातार उसका शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न कर रहा था।

सामाजिक बदनामी के डर से परिजनों ने की थी शादी की बात, आरोपी ने रची झूठी साजिश

लगभग एक महीने पहले जब पीड़ित युवती के परिजनों को इस पूरे गंभीर विषय की जानकारी हुई, तो उन्होंने समाज में प्रतिष्ठा और बदनामी के डर से मामले को गरिमापूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। लड़की के परिजनों ने आरोपी अजय सैनी के घर जाकर उसके माता-पिता से दोनों की शादी कराने का अनुरोध किया। लेकिन, आरोपी अजय और उसके घरवालों ने शादी की बात से साफ इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि खुद को कानूनी पचड़े से बचाने के लिए आरोपी अजय ने पहले ही पीड़ित पक्ष और लड़की के खिलाफ मारपीट व धमकी देने की एक झूठी तहरीर स्थानीय थाने में देकर दबाव बनाने की साजिश रची थी।

थाने में गणमान्य लोगों के बीच हुआ था समझौता, पर वादे से मुकर गया आरोपी

इस विवाद को बढ़ता देख स्थानीय पुलिस ने बीते 13 जून को दोनों पक्षों को थाने में तलब किया था। वहाँ समाज के कुछ जिम्मेदार और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में पंचायत बैठी, जिसमें आरोपी अजय ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जल्द ही युवती से विवाह करने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हो गया और मामला शांत हो गया। परंतु, समझौता होने के चंद दिनों बाद ही आरोपी अधिवक्ता ने समाज और कानून को ठेंगा दिखाते हुए वादे से पूरी तरह मुकर गया और कथित रूप से चोरी-छिपे किसी अन्य जगह अपनी शादी तय कर ली।

कमरे से बरामद हुआ मार्मिक सुसाइड नोट: 'मैं समाज में मुंह दिखाने के लायक नहीं रही'

इस गंभीर धोखे और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने के कारण शिक्षिका गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई। 30 जून की सुबह जब घर पर कोई नहीं था, तब उसने जहरीला पदार्थ गटक लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन बदहवास स्थिति में उसे इलाज के लिए मुरादाबाद के सिलेक्ट हॉस्पिटल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

शिक्षिका की असमय मृत्यु के बाद जब रोते-बिलखते परिजन मृतका के कमरे की अलमारी और किताबों को व्यवस्थित कर रहे थे, तो वहां एक डायरी (कॉपी) में मृतका के हाथ से लिखा हुआ एक बेहद मार्मिक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में मृतका ने अपनी आपबीती बयां करते हुए लिखा था:

"अजय ने मुझसे शादी का वादा करके लगातार तीन साल तक शारीरिक संबंध बनाए और अब उसने मुझे धोखा देकर कहीं और अपनी शादी तय कर ली है। इस विश्वासघात के बाद मैं पूरी तरह टूट चुकी हूँ और समाज में अब किसी को मुंह दिखाने के लायक नहीं बची हूँ। मेरी मौत का जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ अजय सैनी है।"

प्रभारी निरीक्षक का बयान: प्राथमिकी दर्ज, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी

इस सुसाइड नोट के सामने आने के बाद मृतका के भाई ने तत्काल चंदौसी कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूतों के साथ तहरीर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी अजय सैनी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है।

चंदौसी के प्रभारी निरीक्षक संत कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर और मृतका के कमरे से बरामद सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर विधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। आरोपी कानून का जानकार है और गिरफ्तारी के डर से फिलहाल फरार चल रहा है। पुलिस की दो विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं, जो आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।