सरकार का सख्त रुख: अब नहीं चलेगा अवैध रेत का खेल
अवैध रेत खनन पर छत्तीसगढ़ सरकार का कड़ा प्रहार: खराब प्रदर्शन पर 3 कलेक्टरों को फटकार, 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
रायपुर: छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन और इसके अवैध परिवहन को रोकने के लिए राज्य सरकार अब 'एक्शन मोड' में आ गई है। खनिज सचिव पी. दयानंद ने प्रदेश के 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार अवैध खनन को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ड्रोन सर्वे से होगी निगरानी, कलेक्टरों पर गिरेगी गाज
खनिज सचिव ने जिला अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब अवैध उत्खनन की निगरानी ड्रोन सर्वे और उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) के माध्यम से की जाएगी। यदि किसी जिले में ड्रोन सर्वे के दौरान अवैध खनन के सबूत मिलते हैं, तो संबंधित जिले के कलेक्टर और खनिज अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन जिलों की हुई समीक्षा: प्रदर्शन के आधार पर फटकार और सराहना
बैठक में रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार सहित 11 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए। सचिव ने जिलों के काम के आधार पर निम्नलिखित प्रतिक्रिया दी:
-
सख्त फटकार: धमतरी, बिलासपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिलों के खराब प्रदर्शन और शिकायतों पर सचिव ने भारी नाराजगी जताई।
-
सराहना: गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों द्वारा अवैध उत्खनन पर की गई प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा की गई।
पीएम आवास के हितग्राहियों को बड़ी राहत
बैठक में आम जनता और विशेषकर गरीबों के हित में एक बड़ा निर्देश दिया गया। खनिज सचिव ने आदेश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उनके मकान निर्माण के लिए रॉयल्टी मुक्त (रॉयल्टी फ्री) रेत की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि हितग्राहियों को रेत के लिए किसी भी तरह की परेशानी न हो।
बैठक के मुख्य निर्देश:
-
हर महीने जिलेवार समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
-
शिकायत मिलने पर बिना देरी किए तत्काल मौके पर एक्शन लिया जाए।
-
नदी तटों और खदानों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग हो।
समीक्षा के दायरे में रहे जिले: रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, एमसीबी, बलरामपुर और कांकेर।


2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय