राजगढ। नगरीय निकाय, जल निगम एवं पीएचई को सक्रिय रहने की जरूरत है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जिले में गर्मी के मौसम में सभी स्थानों पर पेय जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म काल में कहीं भी पेय जल की दिक्कत न हो। इसके लिए नगरीय निकाय, जल विभाग एवं पीएचई को पूरे सीजन में सक्रिय रहने की जरूरत है। शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में पिछले सालों में जिन स्थानों पर जल संकट की स्थिति निर्मित हुई है। वहां विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे स्थानों पर विशेष कार्य योजना तैयार कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने कार्य क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता की स्थिति भी समीक्षा करें। जहां जल स्त्रोतों के अधिग्रहण अथवा अन्य कोई व्यवस्था की आवश्यकता वहां समुचित प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि पीएचई के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनका कोई जल स्त्रोत असफल न हो। जहां अतिरिक्त पाइप लाईन अथवा राईजर पाइप की जरूरत है। वहां भी इस तरह की आवश्यक व्यवस्था की जाए। जिन स्थानों पर मोहनपुरा अथवा कुंडालिया जलाशय से पानी लिया जाता है। वहां जलाशयों से संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाए। हेण्डपंप मरम्मत से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सभी विकास खण्डों में पंजी संधरित कराई जाए। जिनके निराकरण करने के लिए जिम्मेदार कर्मचारी नियुक्त किए जाएं। इन कर्मचारियों का मोबाईल नंबर प्रचारित करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पीएचई इस बात पर ध्यान दे कि कहां-कहां हेण्डपंप बंद हैं। जिन बंद हेण्डपंपों की आवश्यक मरम्मत हो सकती है अथवा राईजर पाइप लगवा सकते है। वहां आवश्यक कार्य करवाया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हेण्डपंप मरम्मत की स्थिति की प्रतिदिन रिपोर्टिंग की जाए। कलेक्टर ने कहा कि कहीं भी पानी की पाइप लाइन तोडने की स्थिति नहीं बने। पाइप लाइन क्षति ग्रस्त करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में जल निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय निकायों के अधिकारियों सहित वर्चुअली सभी एसडीएम मौजूद थे।